বৃহস্পতিবার, ১১ সেপ্টেম্বর, ২০১৪

वेलेण्टाइन दिवस

वेलेण्टाइन डे, रोम के एक पुजारी के नाम पर मनाया जाता है, जो 269 ईसवी में शहीद हो गया था और जिसे 14 फरवरी 269 को फ्लेमिनिया में दफनाया गया था। उसके अवशेष रोम के सेंट फ्रेक्स्ड चर्च और डबलिन (आयरलैण्ड) के स्ट्रीट कामिलैट चर्च में रखे हुए हैं।
एक अन्य विशप टर्नी को भी प्रेम का वेलेण्टाइन बतलाया जाता है जो 197 ई. में सम्राट ऑरोलियन के उत्पीड़न से शहीद हो गये थे। कहा जाता है कि उनका शव भी फ्लेमिनिया में गड़ा है, लेकिन रोम के वेलेण्टाइन की समाधि से अलग स्थान पर उसे दफनाया गया था।
कैथोलिक विश्वकोश भी एक तीसरे सन्त वेलेण्टाइन का नाम बतलाता है जिसके नाम का उल्लेख अभी हाल में ही प्रकाशित शहीदनामा में 14 फरवरी को हुआ है। वह अफ्रीका में अपने एक साथी के साथ शहीद हो गया था। लेकिन इससे अधिक और कुछ उसके बारे में ज्ञात नहीं है।
रोमन कैथोलिक कैलेण्डर से 14 फरवरी की लिस्ट में 1969 में संशोधन करके सन्त का नाम निकाल दिया गया। इसके लिये कारण यह बताया गया कि उसके नाम के अलावा और कुछ भी नहीं पता है। सिवाय इसके कि वह फ्लेमिनिया पर 14 फरवरी को दफनाया गया था। केवल कुछ परम्परावादी कैथोलिक ईसाई उस जगह पर सन्त के अवशेष होने का दावा कर रहे थे।

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